अर्बन नक्सलवाद का गुरु 78 साल का बुड्ढा राकेट लांचर से उड़ाना चाहता था पीएम मोदी को

78 वर्षीय पी. वरवर राव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश में शामिल पाया गया हैं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या को लेकर माओवादी और अन्य आंतकवादी संगठन लगातार साजिशें करते रहे हैं. अब तक यही माना जाता रहा था कि माओवादी हिंसा में मुख्य रूप से आदिवासी और अशिक्षित युवा हैं जो कि मुख्य धारा से भटक गए हैं और बागी हो गए हैं. मगर सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया कि कई बुद्धिजीवी और पत्रकार भी शहरी क्षेत्र में माओवादियों से जुड़े हुवे हैं, ये लोग माओवादियों को फंडिंग के साथ ही ट्रेनिंग और इंटरनेशल लेवल तक सहायता दिलाने का जुगाड़ करते थे .

माओवादी विचारधारा वाले और रिवोल्यूशनरी लेखक पी. वरवर राव को पुणे पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गत मंगलवार को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है.पी. वरवर राव ह्यूमन राइट्स और सिविल लिबर्टीज फ्रंट पर सक्रिय रहे हैं इसके चलते कई बार उनका सरकारों से टकराव हुआ है. भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में छापे के बाद अब तक कवि वरवरा राव, अरुण परेरा, गौतम नवलखा, वेरनोन गोन्जाल्विस और सुधा भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया है.सभी आरोपियों पर सेक्शन 153 A, 505(1) B, 117, 120B, 13, 16, 18, 20, 38, 39, 40 और UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम ऐक्ट) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

आठ जून २०१८  को महाराष्ट्र के पुणे में पुलिस ने कोर्ट में एक पत्र पेश करते हुये दावा किया था कि माओवादी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘राजीव गांधी की तरह हत्या’ करने की साजिश रच रहे थे.भीमा-कोरेगांव में जनवरी में हुई हिंसा के सिलसिले में पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद ये जानकारी सामने आई है. पुलिस का ये भी दावा है कि यह पत्र एक अभियुक्त रोना जैकब विल्सन के दिल्ली में मुनिरका स्थित फ्लैट से बरामद किया गया है.

पुलिस के मुताबिक किसी ‘कॉमरेड प्रकाश’ को सम्बोधित इस पत्र में बिहार और पश्चिम बंगाल की हार के बावजूद भाजपा की 15 से अधिक राज्यों में जीत पर चिंता जताई गई है. पत्र में कहा गया है, “यदि यही गति रही तो हर तरफ से पार्टी की परेशानी का सबब बनेगी. मोदी राज का अंत करने कॉमरेड किशन और कुछ अन्य वरिष्ठ कॉमरेड्स ने कड़े कदम अर्थात ‘कॉन्क्रीट स्टैप्स’ सुझाये हैं. हम राजीव गाँधी जैसी एक और घटना के बारे में सोच रहे हैं.”

आरोपी रोना विल्सन के पास से कई अहम सुराग लगे हैं जिसमें रोना के कंम्प्यूटर से फाइलों के रुप में साजिश में इस्तेमाल होने वाले हथियारों की लिस्ट मिली है. रोना के कंम्प्यूटर से बरामद फाइल्स पासवर्ड प्रोटेक्टेड थी और उसमें कई आधुनिक हथियारों का भी जिक्र था.उसमें जीएम 94 ग्रेनेड लॉन्चर, एम 203 (एम4), क्यूएलजेड डब्लूय87 शामिल हैं.

वहीं रोना विल्सन द्वारा कामरेड प्रकाश को लिखी चिट्ठी में भी इन्ही हथियारों का ही जिक्र है.इस चिट्ठी में पीएम की हत्या की साजिश का साफ जिक्र है.इसमें लिखा है, ‘मुझे उम्मीद है कि आपको ग्रेनेड सप्लाई के लिए दिए जाने वाले 8 करोड़ रुपये की जानकारी मिल गई है.

“अर्बन नक्सलवाद कैसे शुरू हुवा “- कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के 2004 में ‘अर्बन पर्सपेक्टिव’ नाम से आए एक दस्तावेज में अर्बन नक्सलवाद की रणनीति की चर्चा की गई थी. इस रणनीति के तहत शहरी क्षेत्रों में नेतृत्व तलाशने की कोशिश की जाती है,पढ़े लिखें लोगो को तैयार किया जाता हैं भीड़ जुटाने से लेकर अल्पसंख्यको का ब्रेनवाश कर हिन्दुओं के खिलाफ या जातिवाद के सहते हिंसा भड़का सकें .अर्बन नक्सलवाद माओवादियों की एक तरह की रणनीति होती है, जिसमें शहरों में नेतृत्व तलाशने, भीड़ जुटाने, संगठन बनाने और लोगों को इकट्ठा करके उन्हें तमाम चीजें सामग्रियों के साथ-साथ प्रशिक्षण देने का काम किया जाता है साथ ही साथ जरूरी सैन्य कार्रवाई को भी मुख्य बिंदु के रूप में बताया गया है. इसी में सैन्य रणनीति का भी जिक्र किया गया है, जिसके तहत गांवों में पहले छोटे मिलिट्री बेस बनाने और धीरे-धीरे शहर पर कब्जा करने जैसी साजिशों के बारे में बताया गया है.

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