अब सुनने को नहीं मिलेंगे ‘कड़वे प्रवचन’ मुनि तरुण सागर ने त्यागी देह

0
199

दिगंबर जैन मुनि तरुण सागर ‘कड़वे प्रवचन’ वालों का शनिवार को 51 साल की उम्र में निधन हो गया। मुनि तरुण सागर पीलिया की बीमारी से ग्रसित थे और दवाइयों का असर होना बंद हो गया था। जिसके बाद मुनि तरुण सागर ने अपना इलाज करवाना बंद कर दिया और संथारा ले लिया।बता दें कि संथारा की प्रक्रिया में व्यक्ति अपनी मृत्यु तक व्रत रखता है और इसी प्रक्रिया में अपने प्राण त्याग देता है।

अपने कड़वे प्रवचनो के विख्यात जैन मुनि तरुण सागर का जन्म 26 जून, 1967 को मध्य प्रदेश के दहोह जिले में हुआ था। जैन मुनि तरुण सागर का बचपन का नाम पवन जैन था। उनकी मां का नाम शांतिबाई और पिता का नाम प्रताप चंद्र था। तरुण सागर ने आठ मार्च, 1981 को घर छोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ में दीक्षा ली ।

जैन धर्म की दीक्षा लेने के बाद 8 मार्च, 1981 को उन्होंने अपना घर छोड़ दिया था और एक मुनि का जीवन अपना लिया था। दिगम्बर जैन मुनि तरुण सागर अपने उपदेशों ‘कड़वे प्रवचन’ के लिए काफी प्रसिद्ध हैं।

जैन मुनि तरुण सागर अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते थे। जैन मुनि ने देश की कई विधानसभाओं में प्रवचन दिया। हरियाणा विधानसभा में उनके प्रवचन पर काफी विवाद हुआ था, जिसके बाद संगीतकार विशाल डडलानी के एक ट्वीट ने काफी बवाल खड़ा कर दिया था। मामला बढ़ता देख विशाल को माफी भी मांगनी पड़ गई थी।इस विवाद के बाद आम आदमी पार्टी से जुड़े संगीतकार डडलानी ने राजनीति से अपने आप को अलग कर लिया था।

उल्लेखनीय हैं कि जैन मुनि तरुण सागर का जैन समुदाय में काफी प्रभाव है।

बताया जा रहा है कि मुनिश्री अपने गुरु पुष्पदंत सागर महाराज की स्वीकृति के बाद संलेखना (आहार-जल न लेना) कर रहे थे। वे जिस कमरे में ठहरे थे, वहां पर सिर्फ जैन मुनियों और शिष्यों को ही जाने की इजाजत थी।

आज सुबह जैन मुनि तरुण सागर का 51 साल की उम्र में निधन हो गया है।उन्होंने दिल्ली के शाहदरा के कृष्णानगर में शनिवार सुबह 3:11 बजे अंतिम सांस ली।

जैन मुनि तरुण सागर के निधन से जहां उनके समर्थकों में दुख की लहर है, वहीं कई बड़ी हस्तियों ने जैन मुनि के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

आज शनिवार (01 सितम्बर 2018 ) को ही गाजियाबाद (उत्तरप्रदेश) के मुरादनगर स्थित तरुणसागरम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पीएम मोदी और गृह मंत्री ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैन मुनि के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि जैन मुनि तरुण सागर के निधन का समाचार सुन गहरा दुख पहुंचा।हम उन्हें हमेशा उनके प्रवचनों और समाज के प्रति उनके योगदान के लिए याद करेंगे। मेरी संवेदनाएं जैन समुदाय और उनके अनगिनत शिष्यों के साथ है।

Leave a Reply