जैसलमेर की महारानी रासेश्वरी राज्य लक्ष्मी ने चुनाव लड़ने का एलान कर बिगाड़ा भाजपा-कांग्रेस का गणित

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राजस्थान के जैसलमेर राजपरिवार की महारानी रासेश्वरी राज्य लक्ष्मी के विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान करने के साथ ही जैसलमेर विधानसभा सीट पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों के लिए प्रत्याशी का चुनाव मुश्किल हो गया हैं।

हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महारानी रासेश्वरी राज्य लक्ष्मी किस पार्टी से टिकट लेगी या निर्दलीय लड़ेगी मगर पहले से अपनी टिकट पक्की मान चुके कई नेताओं की जमीन खिसकने लगी हैं।

किस किस का राजतिलक रोकेगी महारानी?

भाजपा से वर्तमान विधायक छोटू सिंह भाटी,भाजपा युवा नेता नाचना ठाकुर विक्रम सिंह ,पूर्व विधायक सांग सिंह भाटी तथा कांग्रेस से सुनीता भाटी, रूपाराम मेघवाल,जनकसिंह,गाजी फ़क़ीर परिवार राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के प्रमुख प्रत्याशी माने जा रहे है। महारानी रासेश्वरी राज्यलक्ष्मी के चुनावी मैदान में उतरने पर इनका जातीय व परंपरागत वोट बैंक का गणित उलझ जाएगा।

महारानी का जैसलमेर शहर व गांवो की जनता पर सीधा प्रभाव है,जैसलमेर में आज भी महारावल बृजराज सिंह व महारानी के प्रति लोगो की आस्था व सम्मान का भाव है,इसके अलावा महारानी रासेश्वरी राज लक्ष्मी सामाजिक कार्यक्रमों और समारोहों में जैसलमेर की जनता से रूबरू होती रही है,जिसके कारण आम जनता से उनका सीधा संवाद भी हैं।

सोशल मीडिया पर कुछ राजपूत कर रहे विरोध

जैसलमेर की महारानी का चुनाव लड़ने का ऐलान करने के बाद सोशल मीडिया पर पोस्टों को वायरल किया गया था जिसमें महारानी द्वारा चुनाव लड़ने का विरोध करते हुवे लिखा गया था कि सीधी राजनीति में उतरकर चुनाव लड़ना राजपरिवार की गरिमा के खिलाफ है। हालांकि इससे महारानी का चुनाव लड़ने का इरादा तनिक भी कम नहीं हुवा है।

महारानी रासेश्वरी राज्य लक्ष्मी किसलिए आना चाहती है राजनीति में !
queen of jaisalmer
जैसलमेर की महारानी रासेश्वरी राज्य लक्ष्मी

महारानी रासेश्वरी राज्य लक्ष्मी ने अपना फेसबुक पेज भी बनाया है,उन्होंने अपने फेसबुक पेज पे बताया है कि जैसलमेर राजपरिवार हमेशा से जनता की सेवा करता आया है,मगर कुछ चीजें ऐसी होती है जो प्रशासन की सहायता के बिना संभव नहीं।

जैसलमेर जिला जो रियासत काल मे प्रमुख व्यापार केंद्र हुवा करता था आज पिछड़े जिलों की श्रेणी में आता है।

महारानी को इस बात का मलाल है कि जो भी लोग आज तक चुनाव जीते है ,उन्होंने जिले के विकास के लिए उस तरह का प्रयास नहीं किया जिस तरह होना चाहिए था।

महारानी रासेश्वरी राज्य लक्ष्मी चाहती है कि जिले में शिक्षा का स्तर सुधरे,नये स्कूल कॉलेज खुले ।

नहरी क्षेत्र में सिंचाई के पानी की समस्या व पेयजल योजनाओं में नियमित जलापूर्ति की कमी दूर हो।

जिले के किसानों को भूमि आवंटन,अच्छे अस्पताल,नियमन कर पट्टे देना,जैसलमेर का पर्यटन की दृष्टि से विकास व हस्त शिल्प उधोग को ऊंचाइयों तक पहुंचाना महारानी रासेश्वरी राज्यलक्ष्मी का सपना है।

महारानी रासेश्वरी राज्यलक्ष्मी का कहना है कि जिले में सबसे बड़ा मुद्दा डीएनपी क्षेत्र में आये गांवो का अवरुद्ध पड़ा विकास है । इन गांवों में सतत विकास शुरू करने के साथ डीएनपी का क्षेत्रफल कम करवाना होगा ।

अकाल के समय यंहा ग्रामीण काफी दिक्कत में होते है । जिस प्रकार ‘गाय को फेमिन कोड’ में शामिल किया उसी तर्ज पर ‘भेड़ बकरियों को फेमिना कोड में’ शामिल कराना प्राथमिकता रहेगी । जिले में गौशालाओं का निर्माण भी जरूरी है।

स्थानीय युवाओं को यहां काम करने वाली कम्पनियां प्राथमिकता से योग्यतानुसार रोजगार उपलब्ध कराए, सामुदायिक संगठन मद बजट का सदुपयोग हो ।

इस वर्ष भी अकाल की स्थिति में जैसलमेर के निवासियों का हाल बेहाल होता दिख रहा है परन्तु प्रशासन की विधि में तिलमात्र फरक नहीं पड़ा है,इसलिए जनता की सेवा करने महारानी राजनीति में उतर रही है।

 

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