जीका वायरस क्या हैं? जीका बुखार के लक्षण व उपचार | Zika Virus In Hindi

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जीका वायरस फ़ैलाने वाला एडीज मच्छर
By James Gathany - PHIL, CDC, Public Domain, Link

जीका वायरस पीत विषाणु या फ़्लैविविरिडेई विषाणु परिवार का सदस्य हैं,इसे इंग्लिश में Zika Virus हिंदी में जिका वायरस या जीका वायरस लिखा जाता हैं.पहली बार 1940-1950 के दशक में जीका से होने वाली बीमारी का पता चला था .

जीका वायरस का इतिहास

जीका वायरस 1947 में युगांडा के जिका जंगल में मिला था, पीतज्वर या ‘यलो फीवर’ (Yellow fever)  पर शोध कर रहे पूर्वी अफ्रीकी विषाणु अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों को रीसस मकाक (एक प्रकार का लंगूर) में बुखार के दौरान जिका वायरस का पता चला था. इसके बाद नाइजीरिया में वर्ष 1954 में जीका वायरस को एक मानव से निकाला गया  था.अप्रैल 2007 में इसका प्रभाव पहली बार अफ्रीका और एशिया के बाहर देखने को मिला.

जीका वायरस कैसे फैलता है?

जीका वायरस के फैलने का सबसे बड़ा कारण मच्छर अन्य कीट प्रजातियाँ हैं, डेंगू और चिकगुनिया बुखार फ़ैलाने वाले एडीज मच्छर ही सबसे ज्यादा जीका बुखार भी फैलाते हैं .

एडीज मच्छर की उत्पत्ति अफ्रिका में हुई थी परन्तु आज यह संपूर्ण उपोष्ण कटिबंधी क्षेत्र में पाया जाता है.इसकी मादा  हमेशा अपने अंडे साफ़ और ठहरे हुवे पानी में देती हैं.

सभी मच्छरों की तरह ही एडीज मच्छर के जीवन चक्र की चार अवस्थाएं हैं: अण्डा, लारवा, प्यूपा एंव व्यस्क. पहली चार अवस्थाएं जल के अंदर पूरी होती हैं.

मच्छरों के अलावा जीका वायरस संक्रमित जानवरों व उनकी लाशों को छूने से , संक्रमित खून से संपर्क, संक्रमित माँ से नवजात बच्चे को, संक्रमित जानवर के दूध पीने से भी फैलता हैं.

बिना कंडोम के सेक्स करने से या ओरल सेक्स करने से भी जीका वायरस का संक्रमण हो सकता हैं.

ज़ीका बुखार के लक्षण क्या हैं ?-Zika Fever Symptoms

जीका वायरस के संक्रमण के पश्चात संक्रमित व्यक्ति को जीका बुखार हो जाता हैं जिसके लक्षण सामान्यतया डेंगू व चिकनगुनिया बुखार जैसे ही होते हैं.सामान्य व्यक्ति में साठ से अस्सी प्रतिशत मामलों में लक्षण दिखाई नहीं पड़ते हैं और एक हफ्ते में व्यक्ति ठीक हो जाता हैं.

ज़ीका बुखार के मुख्य लक्षण अमूमन इस प्रकार के हो सकते हैं – बुखार, लाल आँखें, जोड़ों में दर्द, सिरदर्द लाल चकत्ते. ज़ीका बुखार की गंभीर अवस्था में संक्रमित व्यक्ति को लकवा या ब्रेन हेमरेज हो सकता हैं.

जीका वायरस गर्भवती माँ से गर्भस्थ शिशु में जा सकता है वर्टिकली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन और छोटे सिर या शिशु के सिर के अपूर्ण विकास की वजह बन सकता है.

ज़ीका बुखार का उपचार क्या हैं ?-Zika Fever Treatment

जीका बुखार की कोई विशेष दवा नहीं हैं लक्षण के आधार पर इसकी चिकित्सा की जाती हैं, जीका बुखार का निदान खून जांच या पेशाब जांच से की जा सकती हैं.

निर्जलीकरण से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी व तरल पदार्थों का सेवन करें.बुखार के लिए पैरासिटामोल डॉक्टर की सलाह से लें तथा एस्प्रिन का सेवन ना करें पढ़ें :- एस्प्रिन गोली के फायदे व नुकसान  .

होम्योपैथी दवा या आयुर्वेद या अन्य पद्धति  की दवा ले रहे हैं तो उसका सेवन अपने डॉक्टर से पूछ के ही करें. Dr. Vikas Sharma MD के अनुसार होम्योपैथी की दवा Eupatorium Perfoliatum, Belladonna, Rhus Tox  तथा आयुर्वेद में Vitro Naturals Dangee Plus Health Juice 500 ml   तथा घरेलु उपचार में गिलोय का सेवन किया जा सकता हैं .

जीका बुखार से बचने का तरीका

    • मच्छरों के प्रजनन स्थल व साफ़ पानी के जल स्रोतों की सफाई करके Temephos (टेमीफोस) दवा डालें .
    • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी) ने डेंगू के मच्छरों की रोकथाम के लिए पुरानी दवा टेमीफोस की जगह पायरीप्रोक्सिन नामक नई दवा के इस्तेमाल का निर्देश दिया है. यह पुरानी दवा से अधिक प्रभावशाली है.
    • कीटनाशक युक्त मच्छर दानी का प्रयोग करें तथा सफ़र में मच्छरों से बचाव हेतु Odomos Cream का प्रयोग करें.
    • Rechargeable Mosquito/Insect Racket BAT का प्रयोग कर मच्छरों को मारें. 

    • Mosquito Killer Machine घर और ऑफिस में लगाये जो मच्छरों को मारने का काम करती हैं.
    • सेक्स करते समय अच्छी कंपनी के Condom का प्रयोग करें .

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