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योग शब्द का क्या अर्थ है?

महर्षि पतंजलि ने अपने योग दर्शन (Patanjali Yog Darshan) के दुसरे सूत्र में लिखा है ” योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः अर्थात चित्त की वृत्तियों का निरोध योग है “। सांख्य दर्शन के अनुसार – पुरुषप्रकृत्योर्वियोगेपि…

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“रुद्रयामल तंत्र” के अनुसार “पंचमकार” (मद्य, मांस, मीन, मुद्रा और मैथुन) की आध्यामिकता

नमस्कार, “पंचमकार (Panchmakara)” साधना के विषय में मुझे एक प्राचीन पुस्तक में रुद्रयामल तंत्र (Rudrayamal Tantra) के ज्ञानमार्गोक्त पंचमकार-स्तोत्र को पढने का अवसर मिला ये पुस्तक डॉक्टर रुद्रदेव त्रिपाठी द्वारा लिखित…

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